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Wednesday, 31 May 2017
Tuesday, 30 May 2017
बच्चे का जन्म हुआ की तुंरत चलने लगा आप भी देख ले वायरल हुआ वीडियो। .........
बच्चे का जन्म हुआ की तुरंत वह चलने लगा जी हा आप सही सुन रहे हो.... आज कल सोशियल मिडिया में आज कल ऐसा वीडियो वायरल हो रखा है... की बच्चा डॉक्टर के हाथो में है और वो चलने लगा है। इस वीडियो की हकीकत क्या है वो जानने के लिये सभी इस वीडियो को देख रहे है.
देखिये इस वीडियो को :
जैसा की आप सभी जानते हैं कि जानवरों के बच्चे खासकर बडे जानवरों के बच्चे जन्म के बाद चलने लगते है अन्य शिशु जन्म के काफी समय बाद चलते हैं, लेकिन सोसल मीडिया पर एक वीडियों में इंसान का बच्चा जन्म लेते ही चलने लग गया। यह बात अपने आप में अजीब है ही। इसके पीछे का सत्य क्या है यह तो पता नहीं। फिलहाल वीडियों वायरल है तो खबर तो बनती ही है।
बताया जा रहा है की जन्म के बाद बच्चे को डॉक्टर ने पकड़कर बैठाया तो बच्चा खड़ा होकर चलने लगा. इस वीडियो को सोशियल मिडिया में अपलोड होने के दो दिन में ही 55,203,913 बार लोगो ने देख लिया और 1 लाख 29 हजार लोगो ने कॉमेंट कर दी. और 1,335,859 लोगो ने शेर भी किया
वीडियों के बारे में वीडियोंमें जानकारी देने वाले ने जो जानकारी वीडियों पर दी है सिर्फ वही उपलब्ध है। इस संसार के इस सत्य को सभी ने देख लिया है और लोग अपने अपने अंदाज में इसे प्रस्तुत कर रहे हैं। आप भी इस वीडियों को देखिएं। यहां यह वीडियों साभार लेकर दिया जा रहा है।
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बबिता और बापूजी का था लव अफेर (Love Affair ) क्यों पूरी हो सकी लव स्टोरी क्लिक करके देखे.....
Monday, 29 May 2017
Saturday, 27 May 2017
भिखारी की कहानी जो आपका दिल छू लेगी.............
हर रोज़ आते-जाते हम न जाने कितने भिखारियों से टकराते हैं, कभी- कभी किसी को कुछ पैसे दे देते हैं वरना बुरी तरह
दुतकार के भगा देते हैं। लेकिन ऐसा करते वक्त हम कभी ये नहीं सोचते की हमारे इस
बर्ताव से उसपर क्या बीतेगी। आज हम आपको एक ऐसे विकलांग भिखारी की कहानी से रूबरू
कराने जा रहे हैं जो दो बच्चों का बाप है। लेकिन उससे पहले आप इस तस्वीर को ध्यान
से देखिए। ये तस्वीर सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रही है।
भिखारी की कहानी जो आपका दिल छू लेगी
5 अप्रैल को शेयर
की गई इस पोस्ट को अब तक 14,932 शेयर मिल चुके
हैं। इस तस्वीर की खासियत आपको ऐसे नज़र नहीं आएगी उसके लिए आपको कौसर हुसैन नाम के इस शख्स की कहानी जाननी पड़ेगी।
कौसर हुसैन हमेशा से भिखारी नहीं था। बल्कि वो मेहनत से नौकरी कर के अपने परिवार
का पालन-पोषण करता था। लेकिन एक हादसे ने उसकी जिंदगी बदल दी और उसे विकलांग बना
दिया, जिसके बाद मजबूरन
उसे भिख का सहारा लेना पड़ा और किसी तरह अपने घर का पालन पोषण करेन लगा। फिर एक
दिन वो अपनी बेटी के लिए एक ड्रेस खरीदने दुकान पर गया, तो दुकानदार ने उन्हें लताड़ दिया। अपने पिता को इस
तरह अपमानित होता देख हुसैन की बेटी की आंखें भीग गईं। उसने कहा कि अब उसे कोई
ड्रेस नहीं चाहिए।
इस घटना के 2 साल बाद हुसैन ने अपनी बेटी के लिए एक खूबसूरत पीले
रंग की फ्रॉक खरीदी। नई फ्रॉक देख कर उनकी बेटी बहुत खुश हुई और उस पल को फटॉग्रफर
जीएमबी आकाश ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। आकाश ने ये तस्वीर एक पोस्ट के साथ
अपने फेसबुक पेज पर शेयर की और यह पोस्ट वायरल हो गई। 5 अप्रैल को शेयर की गई इस पोस्ट को अब तक 14,932 शेयर मिल चुके हैं। हुसैन ने 2 साल तक पैसे बचाकर अपनी बेटी के लिए नई ड्रेस खरीदी।
हुसैन के इसी अनुभव को शेयर करते हुए फटॉग्रफर आकाश ने अपनी पोस्ट लिखी है।
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हुसैन ने सुनाई अापबीती
कल मैं अपनी बेटी
के लिए 2 साल बाद एक नई
ड्रेस खरीद सका। 2 साल पहले मैंने
जब दुकानदार को 5 रुपए के 60 नोट दिए थे, तब मुझ पर चिल्लाते हुए उसने पूछा था कि क्या मैं एक
भिखारी हूं? मेरी बेटी ने
मेरा हाथ पकड़ा और रोते हुए दुकान से बाहर चलने को कहा। मेरे अपमान से दुखी होकर
उसने कहा कि उसे कोई ड्रेस नहीं खरीदनी है। मैंने एक हाथ से उसके आंसू पोछे।
हां, मैं एक भिखारी हूं। आज से 10 साल पहले मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक
दिन लोगों से भीख मांगकर मुझे गुजारा करना होगा। मैं नाइट कोच पुल से गिर गया था
और मरते-मरते बचा। मैं जिंदा तो बच गया, लेकिन विकलांग हो गया। मेरा छोटा बेटा मुझसे अक्सर
पूछता है कि मेरा दूसरा हाथ कहां चला गया। मेरी बेटी सौम्या रोज मुझे खाना खिलाते
हुए कहती है कि मैं जानती हूं कि एक हाथ से सारे काम करना कितना मुश्किल है।
2 साल बाद मेरी बेटी ने एक
नई ड्रेस पहनी है, इसलिए आज मैं उसे कुछ देर
के लिए अपने साथ बाहर खेलने के लिए ले आया। हो सकता है कि मुझे आज एक भी पैसा न
मिले, लेकिन मैं अपनी बच्ची के साथ समय गुजारना चाहता
था। मैंने पत्नी को बताए बिना अपने पड़ोसी से फोन उधार लिया। मेरी बेटी के पास कोई
तस्वीर नहीं है और मैं चाहता हूं कि यह दिन उसके लिए यादगार बने। जिस दिन मेरे पास
एक फोन होगा, मैं अपने बच्चों की खूब
सारी तस्वीरें लूंगा। मैं अच्छी यादें बचाकर रखना चाहता हूं। बच्चों को स्कूल
भेजना मेरे लिए बहुत मुश्किल है,
फिर भी मैं उन्हें पढ़ा
रहा हूं। कभी-कभी वे परीक्षा नहीं दे पाते क्योंकि उनके लिए फीस जमा करना मेरे लिए
हमेशा संभव नहीं हो पाता। ऐसे समय में मेरे बच्चे बहुत उदास हो जाते हैं और मैं
उनकी हिम्मत बढ़ाते हुए कहता हूं कि कभी-कभी हम परीक्षा देना छोड़ सकते हैं
क्योंकि जिंदगी हर दिन हमारी सबसे बड़ी परीक्षा ले रही होती है।
भिख मांगते समय बेटी से नज़र नहीं मिला पाता
अब मैं भीख मांगने
जाऊंगा। मैं अपनी बेटी को ट्रैफिक सिग्नल पर साथ ले जाऊंगा, जहां वह मेरा इंतजार करेगी। मैं भीख मांगते हुए कुछ दूरी से उसे
देखूंगा। मुझे उस समय बड़ी शर्म महसूस करता हूं जब वह मुझे लोगों के सामने अपना एक
हाथ फैलाते हुए देखती है। चूंकि सड़क पर बड़ी-बड़ी गाड़ियां होती हैं, इसीलिए वह मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ती। वह सोचती है कि दुर्घटना
फिर से हो सकती है। उसे लगता है कि ये गाड़ियां मुझे कुचलते हुए मेरे ऊपर से निकल
जाएंगी और मैं मर जाऊंगा।
जब भी मैं थोड़ा पैसा जमा
कर लेता हूं, अपनी बेटी का हाथ पकड़कर
घर वापस लौट जाता हूं। हम अपने तरीके से खरीदारी करते हैं और मेरी बेटी हमेशा थैला
उठाती है। जब बारिश होती है,
तो हमें साथ भीगना अच्छा
लगता है। हमें अपने सपनों के बारे में बातें करना अच्छा लगता है। जिस दिन मुझे पैसा
नहीं मिलता, उस दिन हम खामोशी के साथ
घर आ जाते हैं। ऐसे वक्त में मेरा दिल करता हूं कि मर जाऊं, लेकिन रात को जब मेरे बच्चे मुझसे लिपटकर सो जाते हैं तो मुझे लगता
है कि जिंदा रहना इतना बुरा भी नहीं है। ज्यादा बुरा तब लगता है जब मेरी बेटी
सिग्नल पर सिर नीचे करके मेरा इंतजार करती है। भीख मांगते समय मैं उससे नजरें नहीं
मिला सकता। आज का दिन कुछ अलग,
आज मेरी बेटी बहुत खुश
है। आज यह बाप केवल एक भिखारी नहीं है। आज मैं उसका बाप एक राजा हूं और वह मेरी
राजकुमारी है।’
Credit : नवभारत टाइम्स
Tuesday, 23 May 2017
जुकरबर्ग 13 साल बाद हॉस्टल के उसी रूम में पहुंचे, जहां लॉन्च किया था FB
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33 साल के अरबपति मार्क जुकरबर्ग 13 साल बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के उसी कमरे में पहुंचे, जहां रहकर उन्होंने 13 साल पहले फेसबुक को लॉन्च किया था। इस दौरान फेसबुक के फाउंडर ने अपने कॉलेज के दिनों और वहां अपनी पत्नी प्रिसिला चान के साथ हुई मुलाकात को याद किया। जुकरबर्ग ने अपने इस दौरे का वीडियो भी शेयर किया है। जुकरबर्ग ने अपना ग्रेजुएशन पूरा नहीं किया था, लेकिन अब गुरुवार को यूनिवर्सिटी उन्हें इसकी मानद (Honorary) डिग्री देगा। हॉस्टल के रूम H-33 में रहते थे जुकरबर्ग...
- जुकरबर्ग ने 23 मिनट के इस वीडियो को मंगलवार को फेसबुक पर शेयर किया। इसमें वे कहते हैं, "13 साल पहले मैंने जिस जगह को छोड़ दिया था, वहां मैं पहली बार वापस गया। यही वह जगह है, जहां मेरी जिंदगी में कई खास मौके आए।"
- जुकरबर्ग हॉस्टल किर्कलैंड हाउस के रूम H-33 में रहते थे। वहीं रहकर उन्होंने 4 फरवरी 2004 को अपने लैपटॉप से फेसबुक को लॉन्च किया था।
प्रिसिला तब 18 की थीं और जुकरबर्ग 19 के
- वीडियो में जुकरबर्ग ने अपनी पत्नी प्रिसिला के साथ हॉस्टल की कई स्टोरीज शेयर की हैं। प्रिसिला भी उस वक्त हार्वर्ड के हॉस्टल में ही रहती थीं। दोनों की पहली मुलाकात वहीं हुई थी। प्रिसिला ने कहा, "मैं हॉस्टल में रहने के दौरान 18 साल की थी और जुकरबर्ग 19 के।
बीच में छोड़ दी थी ग्रेजुएशन की पढ़ाई
- जुकरबर्ग का ग्रेजुएशन 2000 में पूरा होना था, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने हार्वर्ड छोड़ दिया, लिहाजा उनकी ग्रेजुएशन की पढ़ाई अधूरी रह गई। हॉस्टल से निकलकर उन्होंने अपना पूरा फोकस सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म को डेवलप करने पर लगाया।
- आज फेसबुक दुनिया की सबसे ज्यादा पॉपुलर सोशल नेटवर्किंग साइट है और इसके करीब 2 अरब मंथली यूजर्स हैं।
कल ग्रेजुएशन सेरेमनी में स्पीच देंगे जुकरबर्ग
- हार्वर्ड यूनिवर्सिटी गुरुवार को जुकरबर्ग को मानद डिग्री देकर सम्मानित करेगा। इस मौके पर जुकरबर्ग ग्रेजुएशन सेरेमनी में स्पीच भी देंगे।
- वीडियो में जुकरबर्ग कहते हैं, "हार्वर्ड से डिग्री हासिल करना मेरे लिए काफी मायने रखता है। यह मेरे माता-पिता के लिए और भी ज्यादा मायने रखता है जो वास्तव में चाहते थे कि मैं ग्रेजुएशन कर लूं। इस मौके पर उन्हें मुझ पर गर्व होगा।"
6 घंटे में ही वीडियो को 4 लाख लोगों ने देखा
- जुकरबर्ग के इस वीडियो को शेयर करने के 6 घंटे के अंदर ही 6 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा। इस पर 4 लाख 88 हजार लोगों ने अपने रिएक्शन दिए। वीडियो को 27 हजार से ज्यादा बार शेयर भी किया जा चुका है।
Monday, 22 May 2017
कुछ यादगर पल बिताने है आपको तो जाइए " लद्दाख " ....

अगर आप कही धूमने जाने का प्लान बना रहे हो और कुछ अच्छे और यादगार पल बिताने जाना है तो - जम्मू कश्मीर स्थित " लद्दाख " सबसे बेस्ट जगह है - उसका नजारा बहुत अच्छा है यहाँ बड़ी-बड़ी पहाड़िया है यहाँ जाने से आपकी ट्रिप अनोखी एवं यादगार बन जाएगी.
इसकी ऊंचाई 11,845 फुट है स्टॉक रंज पर्वतरोहिओ के विच स्तिथ बहुत प्रसिद्ध जगह है। दुनिया भर से लोग यहाँ आते है. दुनिया के सबसे ऊँचे एवरेस्ट की चढ़ाई करने से पहले लोग स्टॉक रेंज की चढ़ाई करते है।
दूसरी जगह लद्दाख की नुब्रा वैली है। ये बहुत ही खुबशुरत जगह है इसे फूलो की घाटी भी कहते है. अगर आप कुछ अच्छे
आप फेसबुक से पैसा कामना चाहते हो तो यहाँ क्लिक करे.
जानिये अंबानी परिवार की जीने की लाइफ स्टाइल क्लिक करे
Saturday, 20 May 2017
Download Bahubali - 2 Movie In HD Version
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Friday, 19 May 2017
किस प्रॉडक्ट पर कितना टैक्स, जानें- GST का रेट कार्ड
कीन्हे कम टैक्स स्लेब में रखा गया ?
रेलवे , एयर ,और ट्रांसपोर्ट को 5% स्लेब में रखा गया है. पेट्रोलियम प्रोडक्ट को GST से बहार रखा गया है.
- टेलीकॉम सर्विस पर टेक्स बढ़ेगा
अभी टेलीकॉम सर्विस पर टैक्स 15 फीसद है GST में 12 फीसद रेट तय किया है यानिकि टेलीकॉम सर्विसिस सस्ती हो जाएगी
- ब्रांडेड गारमेंट को 18% के स्लेब में रखा गया है.
केरल के मंत्री थॉमस इसाक के जरिये हेल्थकेर & एज्युकेशन सर्विसेस को जीएसटी के दायरे से बहार रखा गया है. और जो ब्रांडेड गारमेंट है उन्हें 18 % के स्लेब में स्थान दिया है
- फाइनेंशियल सर्विसेस पर 3% टैक्स बढ़ा
अभी तक बैंकिंग, इन्श्योरेंस समेत फाइनेंशियल सर्विसेज पर 15 फीसदी सर्विस टैक्स था। GST में टैक्स रेट 18 फीसदी होने से ये सर्विसेज महंगी हो जाएंगी।
- कॉमन सर्विसेस को लोअर स्लैब में रखने की राय
सर्विसेज टैक्सेशन के मामले में कुछ स्टेट टेलिकॉम, बैंकिंग जैसी कॉमन सर्विसेज को लोवर स्लैब में रखने के फेवर में हैं। इन पर अभी सर्विस टैक्स रेट 15% है। इन्हें 18% GST के स्लैब में रखा गया है। माना जा रहा है कि इन सर्विसेस को 18 फीसदी के स्लैब में रखने आम आदमी को झटका लगेगा।
- सस्ते होटल जीएसटी के दायरे से बाहर
- प्रति कमरा 1 हजार रुपए से कम किराये वाले होटलों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।
- 1 हजार रुपए से 2500 रुपए के कमरे वाले होटलों पर 12 फीसदी टैक्स रेट लागू होगा।
- 2500 रुपए से 5 हजार रुपए के कमरे वाले होटलों पर 18 फीसदी की दर से टैक्स रेट लगेगा।
- वहीं 5 हजार रुपए से ज्यादा किराये वाले होटलों पर 24 फीसदी टैक्स रेट लगेगा।
- फाइव स्टार होटलों पर 28 फीसदी रेट लागू होगा।
- नॉन AC पर 12% और AC, लिकर लाइसेंस वालों पर 18 सर्विस टैक्स लगेगा।
- 50 लाख या उससे कम सालाना टर्नओवर वाले छोटे रेस्टोरेंट्स की सर्विसेस पर 5% टैक्स लगेगा।
- क्या मूवी देखने जाना सस्ता हो जाएगा?
अलग-अलग राज्यों में सिनेमा हॉल्स और मल्टीप्लेक्सेस पर सर्विस टैक्स और एंटरटेनमेंट टैक्स मिलाकर अभी 22% से 100% टैक्स लग रहा है। ये खत्म होकर GST के दायरे में आ जाएगा। अब यह 28% हो जाएगा।
गोल्ड, बायोडीजल पर क्या पड़ेगा असर?
जेटली के मुताबिक, अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। गोल्ड, बायोडीजल से जुड़े प्रोडक्ट्स, बीड़ी, सिगरेट, टेक्सटाइल्स, फुटवियर, एग्रीकल्चर मशीनरी पर 3 जून को होने वाली GST काउंसिल की मीटिंग में फैसला होगा।
ऐप से कैब बुक कराने पर कितना टैक्स?
जीएसटी के तहत कैब एग्रीगेटर्स पर 5% की दर से टैक्स लिया जाएगा।
- ट्रांसपोर्ट सर्विसेज पर
कुछ ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के लिए टैक्स रेट 5 फीसदी तय की गई है।
- सिनेमा हॉल पर 28 फीसदी टैक्स
जीएसटी के तहत सिनेमा हॉल पर 28 फीसदी सर्विस टैक्स लगेगा।
- गैंबलिंग पर लगेगा 28 फीसदी टैक्स
गैंबलिंग, रेसकोर्स और बेटिंग को 28 फीसदी टैक्स के दायरे में रखा गया है।
श्रीनगर में शुरू हुई गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स काउंसिल की मीटिंग में करीब 80 से 90 फीसदी आइटम्स पर जीएसटी की दरों पर रजामंदी बन गई है। इनमें से करीब 81 फीसदी आइटमों पर 18 फीसदी से कम जीएसटी की दर लागू होगी। अनाज और दूध को जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद सबसे ज्यादा सेस 204% पान मसाला, गुटखा पर लिया जाएगा। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स पर 12% और बड़ी कारों पर 15% तक सेस लगेगा
- वित्त मंत्री ने कहा जीएसटी से महंगाई पर असर नहीं पड़ेगा
- टूथपेस्ट, साबुन और हेयर ऑयल पर 18 फीसदी जीएसटी की दर
- शुगर, चाय, कॉफी, इडेबल ऑयल पर लगेगा 5 फीसदी जीएसटी
- 81 फीसदी आइट्म्स 18 फीसदी या उससे कम टैक्स स्लैब के दायरे में
- चाय, कॉफी, चीनी पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा
- 17 फीसदी आइट्म्स 12 फीसदी टैक्स स्लैब के दायरे में
- दरों पर फैसला नहीं हुआ तो आगे भी बैठक जारी रहेगी।
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कैसे जीते है अंबानी अपनी लाइफ स्टाइल क्लिक करके देखे....
अंबानी परिवार के जीने की लाइफस्टाइल, जानकर रह जाएंगे हैरान...
दुनिया के सबसे आमिर लोगो में सामेल होने वाले मुकेश अंबानी गेम चेंजर भी साबित हुये है.. आईये देखते है उनके जीने की लाइफस्टाइल। ......
टेलीकॉम कम्पनी के इतिहास में मुकेश अम्बानी ने वो कर दिखाया जो आज तक किसीने नहीं कर दिखाया सबकुछ फ्री करके उन्होंने खुद को गेम चेंजर साबित कर दिया.फोब्स ने माना की वो दुनिया के सबसे बड़े गेम चेंजर है. तभी मुकेश अंबानी को फोब्स पत्रिका की दुनियाभर में पासा पलटने वाला काम करने वाले लोगो की सूचि में पगला स्थान मिला.
आपको लगता होगा की मुकेश अंबानी रॉयल लाइफ जीना पसंद करते होंगे. उनको हमेशा AC रहना पसंद होगा. उनके सारे काम उनके वर्क्स करते होंगे लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है। लेकिन ऐसी कोनसी बात है जो उन्हें दुनिया में दूसरे से अलग बनती है. ? तो आइये जानते है क्या चीज है जो उन्हें सबसे खास और अलग बनती है। ?


मुकेश अंबानी शाकाहारी है उन्हें भारतीय खाना बहोत पसंद है वह खाने के काफी शोखिन है वो कही जा रहे हो और सड़क के पास खाने का स्टॉल है और उन्हें खाने का मन कर रहा हो तो वो वह खड़े खड़े भी खा लेते उस समय वो कोई बड़ड़पन नहीं रखते....
मुकेश अंबानी को तजा कोमबा की चाट बेहद पसंद है वो अक्सर वहां जाकर चाट का आनंद लेते है इसके आलावा उन्हें मैसूर कैफे का खाना बहुत पसंद है वो हप्ते में एक बार वहां जरूर जाते है.

घर में उनका निक नेम " मुक्कू " है :
अक्सर हम जानते है की हरकोई व्यक्ति का घर के अंदर निक नेम होता है वैसे मुकेश अंबानी का निक नेम मुक्कू है। बहन और बहनोई उन्हें मूक्स के नाम से बुलाते है.
उनकी वाइफ " नीता अंबानी " का क्लासिकल डांस बहुत पसंद है :
नीता अंबानी खाली समय में क्लासिकल डांस करती है। जो मुकेश अंबानी कोई पसंद है। यही नहीं मुकेश को खुद का जन्मदिन मानना पसंद है नीता और बच्चो का बर्थडे वो धूमधाम से मानते है.

पंडित रमेश भाई ओझा से लेते है राय ... :
मुकेश अम्बानी का परिवार आध्यात्मिक रूप से पंडित रमेश भाई ओझा से जुड़े हुए है समय समय पर उमसे राय भी लेते है पूजा और अनुष्ठान जैसे कार्य भी ओझा ही अंबानी परिवार के लिए करवाते है.
मुकेश अंबानी कोई पसंद है ब्रिटन की कार :
मुकेश को ब्रिटेन की करे पसंद है वह हमेशा बेंटले और मेबैक जैसी कारे रखते है। मुकेश के पास एक से बढ़कर एक महंगी करो का कलेक्शन है।
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Thursday, 18 May 2017
Tuesday, 16 May 2017
गुजरात के अहमदाबाद में देखने लायक स्थल और पर्यटन.....
अहमदाबाद में देखने लायक स्थल और पर्यटन
1. Ahmedabad
History
अहमदाबाद का नाम सुल्तान अहमद शाह के
नाम पर रखा गया है। सुल्तान अहमद शाह ने इस शहर की स्थापना 1411 ईसवी में की थी। इस शहर को भारत का मेनचेस्टर भी कहा जाता है। वर्तमान
समय में, अहमदाबाद को भारत के गुजरात प्रांत के एक प्रमुख औद्योगिक शहर के
रूप में जाना जाता है। ऐतिहासिक तौर पर, भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान अहमदाबाद प्रमुख शिविर आधार रहा
है। इसी शहर में महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम की स्थापना की और स्वतंत्रता
संघर्ष से जुड़ें अनेक आन्दोलन की शुरुआत भी यही से हुई थी। अहमदाबाद बुनाई के
लिए भी काफी प्रसिद्ध है। इसके साथ ही यह शहर व्यापार और वाणिज्य केन्द्र के रूप
में बहुत अधिक विकसित हो रहा है। अंग्रेज़ी हुकूमत के दौरान, इस जगह को फ़ौज़ी तौर पर इस्तमाल किया जाता था। अहमदाबाद इस प्रदेश
का सबसे प्रमुख शहर है।
2. झूलता मीनारा
सिद्धि
बारिश की झूलती मीनारें मुस्लिम स्थापत्य सिर्फ कला के अद्भुत उदाहरण है |उसे
देखने वाले मीनारों की विशेषता यह है |कि
एक पर दबाव पड़ने पर दूसरी अपने आप हिलने लगती है |मल्लिक
सारंग सा ने इसका निर्माण करवाया था मीनारों का देश विदेश में कहीं कोई सानी नहीं
है
3. जामा मस्जिद
जामा
मस्जिद का निर्माण 1423 ईसवी में किया गया। पश्चिम भारत में स्थित
यह बेहद ही खूबसूरत मस्जिद है। इसे
अहमदशाह ने बनवाया था शहर के मध्य में स्थित मस्जिद में 206 और
15 गुबंद
है |देश
की सबसे सुंदर मस्जिदों में इसकी गिनती की जाती है|
मस्जिद की दीवारों पर हिंदू स्थापत्य
कला के सुंदर नमूने देखने को मिलते हैं |यह
मस्जिद पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित है|
यह
मस्जिद बेहतरीन कारीगरी का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करता है।
4. भद्र किला
इसे
भी अहमदशाह दारा बनाया गया था यह किला वास्तुकला का खूबसूरत नमूना है इसके सामने
तीन दरवाजा के नाम से एक सुंदर द्वार है| जिसका
इस्तेमाल सुल्तान शहर में होने वाले कार्यक्रमों को देखने के लिए करता था मराठों
ने इस लिए को जीतकर इसमें भद्रकाली का मंदिर बनवाया था और यह नाम दिया|
5. काकरिया झील
इस झील
का निर्माण कुतुब-उद्-दीन ने 1451 ईसवी
में करवाया था। आज के समय में अहमदाबाद के निवासियों के बीच यह जगह सबसे अधिक
प्रसिद्ध है। इस झील के चारों ओर बहुत ही खूबसूरत बगीचा है। झील के मघ्य में बहुत
ही सुंदर द्वीप महल है। जहां मुगल काल के दौरान नूरजहां और जहांगीर अक्सर घूमने
जाया करते थे।
यह
मस्जिद सुल्तान की हिंदू पत्नी रूपमती के लिए निर्मित किया गया | यह
मस्जिद स्थापत्य कला की दृष्टि से बहुत सुंदर और देखने लायक है| 3 गुबंद
और 12 स्तंभों
पर टिका हुआ है | मस्जिद
के अंदर मध्य भाग में खड़े होने पर प्रकाश दिखाई देता है| जबकि
वहां सूर्य की कोई किरण नहीं पहुंचती फिर भी प्रकाश दिखाई देता है|
7. गांधी आश्रम

इस
आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी ने 1915 ईसवी
में की थी। यहीं से गांधी जी ने दांडी यात्रा की शुरूआत की थी। इसके अलावा यहां
प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों की नींव भी रखी गई।
8. नल सरोवर
यह
स्थल पक्षी प्रेमी पर्यटकों के लिए है | यहां
अलग-अलग तरह के सीभी पक्षी दिखाई देते हैं |शहर
से करीब 50 किलोमीटर
दक्षिण पश्चिम में आया है |इस
झील में छोटे छोटे टापू है| दूर-दूर
से प्रवासी आते हैं यह सरोवर अहमदाबाद में पर्यटक के लिए सबसे अच्छा स्थल है|
9. अडालज की बाव
अडालज
की वाव अहमदाबाद से 15 किलोमीटर
दूर है| पुरानी
बातों से जाना जाता है कि यह वहां पानी को इकट्ठा
करने के लिए बनाई गई थी |अडालज
की वाव मतलब शिडीओ वाला कुआं इसमें उतरने के लिए सीड़िया बनाई गई है |इस वाव्
में दिवालो
पर अच्छी कारीगरी है| यह
देखने लायक है |यह
लोग बाहरी देश से भी आते हैं| अडालज
की वाव अहमदाबाद में अडालज में ही है|
10. सायन्स सिटी
अहमदाबाद
से 6 किलोमीटर
दूर पश्चिम तरफ है साइंस सिटी में अलग अलग तरह के वैज्ञानिक प्रयोग बताए
गए हैं साइंस सिटी बच्चों के लिए खास आकर्षित स्थल है वहां विद्यार्थियों द्वारा
बनाए गए वैज्ञानिक प्रयोग है और आधुनिक सिस्टम भी है साइंस
सिटी में आधुनिक कृषि के प्रयोग है आधुनिक कृषि कैसे की जाती है उसकी खास जानकारी
है
यहां जाने के लिए
सबसे उत्तम समय अक्टूबर से फरबरी तक का है। इसके अलावा नौ दिनों तक चलने वाले
नवरात्रि उत्सव (अक्टूबर-नवम्बर) में भी जाया जा सकता है।
हवाई मार्ग-
यहां सरदार
वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट है। यह प्रमुख भारतीय शहरों के साथ साथ विदेशों जैसे, कोलंबो, मशकट, लंदन और न्यूयार्क को भी जोड़ता है।
रेल मार्ग-
अहमदाबाद स्टेशन
देश के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों से सीधे तौर पर जुडा हुआ है।
सड़क मार्ग-
अहमदाबाद की दूरी
मुम्बई से लगभग 545 किलोमीटर तथा
दिल्ली से 873 किलोमीटर है।
यहां मुम्बई से बस द्वारा भी जाया जा सकता है।
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