Tuesday, 1 August 2017

क्रिस्पी पनीर पापड़ रोल



दोस्तों आज की जो हमारी रेसिपी है वह थोड़ी अलग है क्रिस्पी भी, हेल्दी भी, और स्वाद में तो बस पूछो ही मत चलिये तो शुरु करते हैं हमारी आज की रेसिपी जी दोस्तों आज हम बात कर रहें हैं क्रंची पनीरी मसाला पापड़ रोल (papad recipe)  यह आप स्नेक्स के लिये रख सकते हैं सुबह नाश्ते में बना सकते हैं | यह आपको काफी मजेदार लगेगा ।


क्रिस्पी पनीर पापड़ रोल बनाने के लिये सामग्री –
  • 5 – पापड़
  • 1 – प्याज
  • 1 – छोटी
  • 2 – बीन्स
  • 1 – शिमला मिर्च
  • 2-3 – हरी मिर्च
  • 1/2 – गाजर
  • 1/2 – नींबू
  • 1/2 – चम्मच काली मिर्च
  • 50 ग्राम – पनीर
  • हरा धनिया
  • नमक स्वादनुसार
  • ऑइल (रिफाइंड) तलने के लिये
  • 2 – चम्मच मैदा  (पापड़ सील करने के लिये)

विधि – How to make paneer papad roll

सबसे पहले सब्जियोंं को काट लेंगे, तो आप गाजर और प्याज को अच्छे से छील कर बारीक काट लीजिये । अब आप शिमला मिर्च, हरी मिर्च और बीन्स को भी ऐसे ही काट लीजिये । दोस्तों इसमें सब्जी आप अपनी पसंद से डाल सकते हैं। आप चाहें तो पत्ता गोभी भी मिक्स कर सकते हैं |
थोड़ी सी गपशप –  
आज कल सबके नखरे हैं ये नहीं खाना ये सब्जी नहीं पसंद वो नहीं पसंद पत्ता गोभी नहीं पसंद, दूर क्यों जाना मुझे खुद को पत्ता गोभी पसंद नहीं है । अगर सेहत अच्छी रखनी है तो सब्जियां तो खानी ही हैं। दोस्तों वो कहावत तो सुनी होगी आपने कि ”घी अगर सीधी उंगली से ना निकले तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है”  बस तब से मेरी कोशिश रहती है कि सब्जियों वाले व्यंजन बनाये जायें इस बहाने सब्जियां पेट में तो जा रहीं हैं। स्वाद के साथ – साथ सेहत भी तो जरूरी है ना ।
अपनी कोशिश ऐसी रखिये कि जो डिश आप बनाने जा रहे हैं उसका टेस्ट गायब ना हो जाये  इसके लिये बस थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा कि सब्जियां ज्यादा ना हो जाये वरना फिर वो सब्जियों वाला टेस्ट ही आयेगा और मजा नहीं आयेगा । ऐसा ना हो एक बार सब्जी वाली डिश खाने के बाद दोबारा कोई हिम्मत ना करे । चलिये ये तो हुई मजाक की बातें  ”डॉन्ट माइंड इट”  ये किसी के भी साथ हो सकता है।

पनीर मिक्स्चर बनाने की विधि –
अब आपको एक पैन लेना है इसमें आपको थोड़ा सा रिफाइंड 1 या 2 चम्मच डालकर गैस जलाकर रख लीजिये। इसमें आपको सब्जियों को एक साथ डाल कर थोड़ा सा फ्राई करना है | 2 मिनट के बाद अब इसमें पनीर भी डाल दीजिये नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च डालने के बाद थोड़ा सा और फ्राई कर लीजिये अब नींबू का रस मिला दीजिये बस अब इसे उतार लीजिये । अब आप बारीक कटा हुआ धनिया इस पर डाल दीजिये ।
पापड़ को फोल्ड कैसे करें –
अब आप सोच रहें होंगे पापड़ तो जरा सा जोर से पकड़ लें तो टूट जाता इसमें मिश्रण कैसे भरेंगे, टेन्शन मत लीजिये । अब आपको क्या करना है, एक पापड़ लेना है उसे पानी में गीला करना है। यह सॉफ्ट सा हो जायेगा और आसानी से मुड़ जायेगा। अब आप जैसे चाहें इसे फोल्ड कर सकते हैं | अब आप इसके बीच में मिश्रण भर दीजिये  इसे दोनों तरफ से फोल्ड कर लीजिये चाहे तो दो तरफ से कर लीजिये और चाहे तो चारों तरफ से कर लीजिये जिसमें आपको सुविधा लगे वैसे कर लीजिये|
सील करने के लिये –
अब बात आती है सील करने की, आप इसे सील करने के लिये मैदे में थोड़ा सा पानी मिलाकर इसका गाढ़ा घोल बना लीजिये जो घोल बनाया है उसे थोड़ा सा पापड़ की परत के बीच में लगा कर सील कर दीजिये ऐसे ही दोनों नीचे की तरफ से भी सील कर लेंगे । अब इसका मिश्रण बाहर नहीं आयेगा। ऐसे ही आप सारे पापड़ में मिश्रण भर कर रोल कर दीजिये ।
फ्राई कैसे करें –
अब पैन में तलने के लिये रिफाइंड डालिये और गर्म होने पर  इसमें एक एक रोल डाल कर फ्राई कर लीजिये हल्का -हल्का ब्राउन होने पर दूसरी तरफ से भी सेक लीजिये | फिर इसे  निकाल कर नेपकिन पर रख लीजिये इससे जितना भी एक्स्ट्रा ऑइल है वो यह सोख लेगा सारे पापड़ ऐसे ही फ्राई कर लीजिये ।
लीजिये तैयार हैं “क्रिस्पी पनीरी पापड़ रोल” बस अब इन्हें सर्विंग प्लेट में डालिये और गर्मागरम हरी चटनी या सॉस के साथ सर्वं कीजिये ।
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Tuesday, 11 July 2017

असली BHIM App ही डाउनलोड करें और Install करने के लिए वीडियो देखें|.........

अपने फोन पर केवल असली BHIM App ही डाउनलोड़ करें और 
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Sunday, 9 July 2017

पैन कार्ड को आधार कार्ड लिंक करने के लिए नया तरीका



 अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड को सिर्फ एसएमएस भेजकर लिंक करें.........



आजकल आधार कार्ड और पैन कार्ड का महत्व दिन-प्रतिदिन गति प्राप्त करता है, अब सरकार विभिन्न कारणों से इन दोनों को जोड़ने पर केंदित कर रही है आयकर विभाग ने एसएमऐस की जरिये इन दो कार्ड को जोड़ने के लिए में एक और टूल जोड़ दिया है... 

आइये देखते है कैसे SMS जरिये जुड़ा जा सकता है पैन कार्ड और आधार कार्ड :

  • Sending Following SMS to 567678 or 56161
  • UIDPAN<12 Digit Aadhar Card Number><10 Digit Pan Card Number>
यह सुविधा केवल उन पैनकार्ड धारको के लिये उपयोगी है जिनके पास आधार कार्ड पर बिलकुल समान नाम है 

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, यदि कार्डो और नमो की संख्या में कोई विसगति नहीं है तो कार्ड से लिंक करे और पुष्टि संदेश भेजें 

एसएमएस के जरिए जोड़ने से ऊपर के कार्ड को जोड़ने के लिए एक अतिरिक्त सुविधा है।

आप आयकर विभाग की वेबसाइट के माध्यम से भी पैन कार्ड और आधार कार्ड : www.incometaxindia.gov.in



Friday, 7 July 2017

शादी के पहले दिन इन बातों का रखें ध्यान............


हर नवविवाहिता के मन में डर होता है कि न जाने कि शादी के बाद उनकी पहली रोमांटिक लाइफ कैसी होगी। इसलिए पहली रात को लेकर कपल के मन में ढेर सारी बातें और हलचल मची रहती है। इस रात नए जोडे के मन में संकोच बना रहता है। चाहे लडका हो या लडकी शादी को लेकर दोनों ही उत्साहित होते हैं लेकिन साथ ही कहीं ना कहीं उन्हें कई तरह के डर भी सताते रहते हैं। तो आइये जानें शादी की पहली रात को लेकर नए कपल किन बातों को लेकर डरते हैं...

यह सच है कि हर नवविवाहित के जीवन का यह अनिवार्य हिस्सा है। फिर भी इसे लेकर कपल में तमाम आशंकाएं होती है, दरअसल, इस रात को उनकी लाइफ की एक नई शुरूआत होती है। इसलिए कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। 
रोमांस का सुख भोगना एक प्राकृतिक एहसास है। यदि अपने पहले अप्राकृतिक रूप से रोमांस भी किया है तो इसका रोमांटिक लाइफ पर कोई असर नहीं पडता है।


कई बार ऐसा होता है महिला मानसिक रूप से रोमांस के लिए तैयार नहीं होती है। तो पुरूषों को लगता है कि वो उनका सहयोग नहीं कर रही है। अगर आप पूर्ण शालीनता के साथ महिला से प्यार भरी बातें करेंगे और धीरे-धीरे समर्पित हो तो महिला इसके लिए धीरे-धीरे तैयार होने लगती है।


महिलाओं में 
महिलाओं का शर्म और लाज का गहना माना जाता है। शादी को लेकर महिलाएं के मन में बहुत से डर होते हैं। सबसे ज्यादा डर अपनी पहली रात को लेकर होता है, जिसमें उसे खुद को पूर्ण रूप से अपने पति के बाहों में समर्पित करना  होता है। इसके अलावा महिलाओं के मन में रोमांस को लेकर कई ऐसे सवाल होते हैं, जिन्हें वो किसी से संकोच के चलते पूछ भी नहीं पाती है। मन में चल रहे यह सवाल उलझन और डर बन जाता है।



यह डर महिला और पुरूष दोनों में स्वाभाविक है। पहली बार आपको भले ही थोडा अजीब सा लगे पर टाइम के साथ-साथ अंदर से यह डर खत्म हो जाता है। इस डर को खत्म करने के लिए रोमांस के पहले फ्लोरल प्ले जरूर करें। महिला इस बात का भी ध्यान रखे कि अगर पुरूष पूर्णतया समर्पित हेा जाए तो उसकी इच्छा को ध्यान मेंरखते हुए धीरे-धीरे खुद को भी समर्पण करे।

राजस्‍थान का ये श्रापित मंदिर जहां रात होते ही इंसान बन जाते है पत्‍थर



राजस्‍थान का इतिहास और धरोहरें अपने आप में किसी अजूबे से कम न‍हीं है। लेकिन आज हम यहां के एक ऐसे अजूबे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां रात होते ही इंसान पत्थर के बन जाते हैं। आपको यकीन नहीं हो रहा होगा न कि लेकिन इस गांव के श्रापित होने की काहानी इस गांव के आसपास रहने वाले खुद बताते हैं। हम राजस्थान के बाड़मेर जिले में में स्थित किराडू के मंदिर के बारे में बता रहे हैं। यहां तक पहुंचने के लिए श्रृद्धालुओं को बाड़मेर से करीब 39 किलोमीटर की दूरी तय करके जाना पड़ता है।



इसके पीछे की काहानी 
मान्यता है कि इस शहर पर एक साधु का शाप लगा हुआ है। यह लगभग 900 साल पहले की बात है, जबकि यहां परमारों का शासन था। तब इस शहर में एक सिद्ध संत ने डेरा डाला। कुछ दिन रहने के बाद जब वे संत तीर्थ भ्रमण संत तीर्थ भ्रमण पर निकले तो उन्होंने अपने साथियों को स्थानीय लोगों के सहारे छोड़ दिया कि आप इनको भोजन-पानी देना और इनकी सुरक्षा 



जब साधु लौटा 
संत के जाने के बाद उनके सारे शिष्य बीमार पड़ गए और बस एक कुम्हारिन को छोड़कर अन्य किसी भी व्यक्ति ने उनकी सहायता नहीं की। बहुत दिनों के बाद जब संत पुन: उस शहर में लौटे तो उन्होंने देखा कि मेरे सभी शिष्य मेरे सभी शिष्य भूख से तड़प रहे हैं और वे बहुत ही बीमार अवस्था में हैं। यह सब देखकर संत को बहुत क्रोध आया।




सब बन गए पत्‍थर के 
फिर उन्होंने जिस कुम्हारिन ने उनके शिष्यों की सेवा की थी, उसे बुलाया और कहा कि तू शाम होने से पहले इस शहर को छोड़ देना और जाते वक्त पीछे मुड़कर मत देखना। कुम्हारिन शाम होते ही वह शहर छोड़कर चलने लगी लेकिन जिज्ञासावश उसने पीछे मुड़कर देख लिया तो कुछ दूर चलकर वह भी पत्थर बन गई। इस शाप के चलते पूरा गांव आज पत्थर का बना हुआ है। जो जैसा काम कर रहा था, वह तुरंत ही पत्थर का बन गया।



लोगों में है डर 
इस शाप के कारण ही आस-पास के गांव के लोगों में दहशत फैल गई जिसके चलते आज भी लोगों में यह मान्यता है कि जो भी इस शहर में शाम को कदम रखेगा या रुकेगा, वह भी पत्थर का बन जाएगा। इसलिए सूरज डूबते ही इस गांव के कौसो दूर तक कोई नहीं भटकता हैं।



किसने करवाया निर्माण 
किराडु के मंदिरों का निर्माण किसने कराया इस बारे में कोई तथ्य मौजूद नहीं है। यहां पर पर विक्रम शताब्दी 12 के तीन शिलालेख उपलब्ध हैं। पहला शिलालेख विक्रम संवत 1209 माघ वदी 14 तदनुसार 24 जनवरी 1153 का का है जो कि गुजरात के चालुक्य कुमार पाल के समय का है। दूसरा विक्रम संवत 1218, ईस्वी 1161 का है जिसमें परमार सिंधुराज से लेकर सोमेश्वर तक की वंशावली दी गई है और तीसरा यह विक्रम संवत 1235 का है जो का है जो गुजरात के चालुक्य राजा भीमदेव द्वितीय के सामन्त चौहान मदन ब्रह्मदेव का है। इतिहासकारों का मत है कि किराडु के मंदिरों का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था तथा इनका निर्माण परमार वंश के राजा दुलशालराज और उनके वंशजों ने किया था।

कहते है राजस्‍थान का खुजराहों 
यहां मुख्यत: पांच मंदिर है जिसमें से केवल विष्णु मंदिर और सोमेश्वर मंदिर ही ठीक हालत में है। बाकी तीन मंदिर खंडहरों में बदल चुके हैं। खजुराहो के मंदिरों की शैली में बने इन मंदिरों की भव्यता देखते ही ही बनती है। हालांकि आज यह पूरा क्षेत्र विराने में बदल गया है लेकिन यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इन मंदिरों को क्यों बनाया गया और इसके पीछे इनका इतिहास क्या रहा है इस सब पर शोध किए जाने की आवश्‍यकता है।

Wednesday, 28 June 2017

Thursday, 8 June 2017

मुकेश अंबानी ने खरीदा पानी पर चलता फिरता महल

मुकेश अंबानी ने खरीदा पानी पर चलता फिरता महल 


Thursday, 1 June 2017

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -

  • 1. युधिष्ठिर    
  • 2. भीम    
  • 3. अर्जुन
  • 4. नकुल      
  • 5. सहदेव


( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ..


वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -

  • 1. दुर्योधन      
  • 2. दुःशासन   
  • 3. दुःसह
  • 4. दुःशल        
  • 5. जलसंघ    
  • 6. सम
  • 7. सह            
  • 8. विंद        
  •  9. अनुविंद
  • 10. दुर्धर्ष       
  • 11. सुबाहु।   
  • 12. दुषप्रधर्षण
  • 13. दुर्मर्षण।   
  • 14. दुर्मुख     
  • 15. दुष्कर्ण
  • 16. विकर्ण     
  • 17. शल       
  • 18. सत्वान
  • 19. सुलोचन   
  • 20. चित्र       
  • 21. उपचित्र
  • 22. चित्राक्ष     
  • 23. चारुचित्र 
  • 24. शरासन
  • 25. दुर्मद।       
  • 26. दुर्विगाह  
  • 27. विवित्सु
  • 28. विकटानन्द 
  • 29. ऊर्णनाभ 
  • ૩0. सुनाभ
  • 31. नन्द।        
  • 32. उपनन्द   
  • 33. चित्रबाण
  • 34. चित्रवर्मा    
  • 35. सुवर्मा    
  • 36. दुर्विमोचन
  • 37. अयोबाहु   
  • 38. महाबाहु  
  • 39. चित्रांग 
  • 40. चित्रकुण्डल
  • 41. भीमवेग 
  • 42. भीमबल
  • 43. बालाकि    
  • 44. बलवर्धन 
  • 45. उग्रायुध
  • 46. सुषेण       
  • 47. कुण्डधर  
  • 48. महोदर
  • 49. चित्रायुध   
  • 50. निषंगी     
  • 51. पाशी
  • 52. वृन्दारक   
  • 53. दृढ़वर्मा    
  • 54. दृढ़क्षत्र
  • 55. सोमकीर्ति  
  • 56. अनूदर    
  • 57. दढ़संघ 
  • 58. जरासंघ   
  • 59. सत्यसंघ 
  • 60. सद्सुवाक
  • 61. उग्रश्रवा   
  • 62. उग्रसेन    
  • 63. सेनानी
  • 64. दुष्पराजय        
  • 65. अपराजित
  • 66. कुण्डशायी        
  • 67. विशालाक्ष
  • 68. दुराधर   
  • 69. दृढ़हस्त    
  • 70. सुहस्त
  • 71. वातवेग  
  • 72. सुवर्च    
  • 73. आदित्यकेतु
  • 74. बह्वाशी   
  • 75. नागदत्त 
  • 76. उग्रशायी
  • 77. कवचि    
  • 78. क्रथन। 
  • 79. कुण्डी
  • 80. भीमविक्र
  • 81. धनुर्धर  
  • 82. वीरबाहु
  • 83. अलोलुप  
  • 84. अभय  
  • 85. दृढ़कर्मा
  • 86. दृढ़रथाश्रय    
  • 87. अनाधृष्य
  • 88. कुण्डभेदी।     
  • 89. विरवि
  • 90. चित्रकुण्डल    
  • 91. प्रधम
  • 92. अमाप्रमाथि    
  • 93. दीर्घरोमा
  • 94. सुवीर्यवान     
  • 95. दीर्घबाहु
  • 96. सुजात।         
  • 97. कनकध्वज
  • 98. कुण्डाशी        
  • 99. विरज
  • 100. युयुत्सु


( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था, जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में-


  • ॐ . किसको किसने सुनाई?
  • उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।

  • ॐ . कब सुनाई?
  • उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

  • ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
  • उ.- रविवार के दिन।

  • ॐ. कोनसी तिथि को?
  • उ.- एकादशी

  • ॐ. कहा सुनाई?
  • उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

  • ॐ. कितनी देर में सुनाई?
  • उ.- लगभग 45 मिनट में

  • ॐ. क्यू सुनाई?
  • उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

  • ॐ. कितने अध्याय है?
  • उ.- कुल 18 अध्याय

  • ॐ. कितने श्लोक है?
  • उ.- 700 श्लोक

  • ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
  • उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।

  • ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
  • और किन किन लोगो ने सुना?
  • उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

  • ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
  • उ.- भगवान सूर्यदेव को

  • ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
  • उ.- उपनिषदों में

  • ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
  • उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

  • ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
  • उ.- गीतोपनिषद

  • ॐ. गीता का सार क्या है?
  • उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना


  • ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
  • उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
  • अर्जुन ने- 85
  • धृतराष्ट्र ने- 1
  • संजय ने- 40.


अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद

अधूरा ज्ञान खतरना होता है।

33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।

कोटि = प्रकार।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।

हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-

12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!

8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार है :-
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।

एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।
१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है

This is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...

अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......

अपनी भारत की संस्कृति
को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादा
लोगो तक पहुचाये.
खासकर अपने बच्चो को बताए
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...

  दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !

  तीन ऋण -

देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !

  चार युग -

सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !

  चार धाम -

द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !

   चारपीठ -

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !

चार वेद-

ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !

  चार आश्रम -

ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !

 चार अंतःकरण -

मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !

  पञ्च गव्य -

गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !

  पञ्च देव -

गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !
 पंच तत्त्व -

पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !

छह दर्शन -

वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !

 सप्त ऋषि -

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!

  सप्त पुरी -

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची - विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !

 आठ योग -

यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !

 आठ लक्ष्मी -

आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !
 नव दुर्गा --

शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !

 दस दिशाएं -

पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !

 मुख्य ११ अवतार -

 मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !

बारह मास -

चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !

बारह राशी -

मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
कन्या !

 बारह ज्योतिर्लिंग -

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !

 पंद्रह तिथियाँ -

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !

स्मृतियां -

मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,

OMG !! ऐसा शर्मनाक काम करते पकड़ी गयी कपिल शर्मा की ऑनस्क्रीन बीवी सुमोना


आप को यह जान कर बहुत ही हैरानी होगी की कपिल शर्मा के टीवी शो द कपिल शर्मा शो पर काम करने वाली सुमोना जो शो में तो बहुत ही ज्यादा चुलबुली ओर मासूम बन कर सभी लोगो का दिल जितने वाली ये लड़की ऐसे भी काम करती है जिसे जानकर आपकी रात की नींदे उड़ जाएँगी उसका एक शर्मनाक विडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है जिसमे वेह आपति जनक हालत में पाई जाती हैं




ऐसी खबरे सामने आ रही हैं की सुमोना अब अपनी भूरी आदतों के चलते द कपिल शर्मा शो को हमेशा के लिए अलविदा कहने जा रही हैं फिलहाल वे एस शो में डॉक्टर गुलाटी की पुत्री का किरदार निभा रही है और कहा जा रहा है की उसकी इस भूरी आदत से पूरी द कपिल शर्मा शो  की टीम परेशान चल रही है उन्होंने कई बार सुमोना से भी एस बारे में बात भी की है पर उस पर कोई असर नही पद रहा वह शोहरत के गमंड में किसी की बात नही सुन रही है



सुमोना को सिगेरेट पीने की बहुत ही गन्दी आदत है उसकी इस सिगरेट पीने की लत से सारा क्रू मेम्बर बहुत ही दुखी है उन्होंने कई बार इसकी शिकायत भी की है पर सुमोना को एस बात पर कोई फरक नही पद रहा अब उसकी सिगरेट पीते हुए की विडियो किसे ने सोशल मीडिया पर वायरल क्र दी है आई देखते हैं एस विडियो को जिसमे वे सिगरेट पीती हुए नज़र आ रही हैं






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Tuesday, 30 May 2017

एक वार जरूर Read करना जो भी बेटी ने लिखा है बहुत सुंदर लिखा है.

बच्चे का जन्म हुआ की तुंरत चलने लगा आप भी देख ले वायरल हुआ वीडियो। .........

बच्चे का जन्म हुआ की तुरंत वह चलने लगा जी हा आप सही सुन रहे हो.... आज कल सोशियल मिडिया में आज कल ऐसा वीडियो वायरल हो रखा है... की बच्चा डॉक्टर के हाथो में है और वो चलने लगा है।  इस वीडियो की हकीकत क्या है वो जानने के लिये सभी इस वीडियो को देख रहे है. 

देखिये इस वीडियो को :



जैसा की आप सभी जानते हैं कि जानवरों के बच्चे खासकर बडे जानवरों के बच्चे जन्म के बाद चलने लगते है अन्य शिशु जन्म के काफी समय बाद चलते हैं, लेकिन सोसल मीडिया पर एक वीडियों में इंसान का बच्चा जन्म लेते ही चलने लग गया। यह बात अपने आप में अजीब है ही। इसके पीछे का सत्य क्या है यह तो पता नहीं। फिलहाल वीडियों वायरल है तो खबर तो बनती ही है।

बताया जा रहा है की जन्म के बाद बच्चे को डॉक्टर ने पकड़कर बैठाया तो बच्चा खड़ा होकर चलने लगा. इस वीडियो को सोशियल मिडिया में अपलोड होने के दो दिन में ही 55,203,913 बार लोगो ने देख लिया और 1 लाख 29 हजार लोगो ने कॉमेंट कर दी. और 1,335,859 लोगो ने शेर भी किया 

वीडियों के बारे में वीडियोंमें जानकारी देने वाले ने जो जानकारी वीडियों पर दी है सिर्फ वही उपलब्ध है। इस संसार के इस सत्य को सभी ने देख लिया है और लोग अपने अपने अंदाज में इसे प्रस्तुत कर रहे हैं। आप भी इस वीडियों को देखिएं। यहां यह वीडियों साभार लेकर दिया जा रहा है।


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बबिता और बापूजी का था लव अफेर (Love Affair ) क्यों पूरी हो सकी लव स्टोरी क्लिक करके देखे.....




Monday, 29 May 2017

बबिता और बापूजी का था लव अफेर (Love Affair ) क्यों पूरी हो सकी लव स्टोरी क्लिक करके देखे.....




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OMG... !! ऐसा क्या हुआ की ऐश्वर्या अभिषेक बच्चन से जल्द ही लेने वाली हैं तलाक!..क्लिक करके देखिये पूरा वीडियो।...




Saturday, 27 May 2017

भिखारी की कहानी जो आपका दिल छू लेगी.............



हर रोज़ आते-जाते हम न जाने कितने भिखारियों से टकराते हैं, कभी- कभी किसी को कुछ पैसे दे देते हैं वरना बुरी तरह दुतकार के भगा देते हैं। लेकिन ऐसा करते वक्त हम कभी ये नहीं सोचते की हमारे इस बर्ताव से उसपर क्या बीतेगी। आज हम आपको एक ऐसे विकलांग भिखारी की कहानी से रूबरू कराने जा रहे हैं जो दो बच्चों का बाप है। लेकिन उससे पहले आप इस तस्वीर को ध्यान से देखिए। ये तस्वीर सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रही है।


भिखारी की कहानी जो आपका दिल छू लेगी

5 अप्रैल को शेयर की गई इस पोस्ट को अब तक 14,932 शेयर मिल चुके हैं। इस तस्वीर की खासियत आपको ऐसे नज़र नहीं आएगी उसके लिए आपको कौसर हुसैन नाम के इस शख्स की कहानी जाननी पड़ेगी। कौसर हुसैन हमेशा से भिखारी नहीं था। बल्कि वो मेहनत से नौकरी कर के अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। लेकिन एक हादसे ने उसकी जिंदगी बदल दी और उसे विकलांग बना दिया, जिसके बाद मजबूरन उसे भिख का सहारा लेना पड़ा और किसी तरह अपने घर का पालन पोषण करेन लगा। फिर एक दिन वो अपनी बेटी के लिए एक ड्रेस खरीदने दुकान पर गया, तो दुकानदार ने उन्हें लताड़ दिया। अपने पिता को इस तरह अपमानित होता देख हुसैन की बेटी की आंखें भीग गईं। उसने कहा कि अब उसे कोई ड्रेस नहीं चाहिए।
इस घटना के 2 साल बाद हुसैन ने अपनी बेटी के लिए एक खूबसूरत पीले रंग की फ्रॉक खरीदी। नई फ्रॉक देख कर उनकी बेटी बहुत खुश हुई और उस पल को फटॉग्रफर जीएमबी आकाश ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। आकाश ने ये तस्वीर एक पोस्ट के साथ अपने फेसबुक पेज पर शेयर की और यह पोस्ट वायरल हो गई। 5 अप्रैल को शेयर की गई इस पोस्ट को अब तक 14,932 शेयर मिल चुके हैं। हुसैन ने 2 साल तक पैसे बचाकर अपनी बेटी के लिए नई ड्रेस खरीदी। हुसैन के इसी अनुभव को शेयर करते हुए फटॉग्रफर आकाश ने अपनी पोस्ट लिखी है।
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हुसैन ने सुनाई अापबीती

कल मैं अपनी बेटी के लिए 2 साल बाद एक नई ड्रेस खरीद सका। 2 साल पहले मैंने जब दुकानदार को 5 रुपए के 60 नोट दिए थे, तब मुझ पर चिल्लाते हुए उसने पूछा था कि क्या मैं एक भिखारी हूं? मेरी बेटी ने मेरा हाथ पकड़ा और रोते हुए दुकान से बाहर चलने को कहा। मेरे अपमान से दुखी होकर उसने कहा कि उसे कोई ड्रेस नहीं खरीदनी है। मैंने एक हाथ से उसके आंसू पोछे।
हां, मैं एक भिखारी हूं। आज से 10 साल पहले मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन लोगों से भीख मांगकर मुझे गुजारा करना होगा। मैं नाइट कोच पुल से गिर गया था और मरते-मरते बचा। मैं जिंदा तो बच गया, लेकिन विकलांग हो गया। मेरा छोटा बेटा मुझसे अक्सर पूछता है कि मेरा दूसरा हाथ कहां चला गया। मेरी बेटी सौम्या रोज मुझे खाना खिलाते हुए कहती है कि मैं जानती हूं कि एक हाथ से सारे काम करना कितना मुश्किल है।

2 साल बाद मेरी बेटी ने एक नई ड्रेस पहनी है, इसलिए आज मैं उसे कुछ देर के लिए अपने साथ बाहर खेलने के लिए ले आया। हो सकता है कि मुझे आज एक भी पैसा न मिले, लेकिन मैं अपनी बच्ची के साथ समय गुजारना चाहता था। मैंने पत्नी को बताए बिना अपने पड़ोसी से फोन उधार लिया। मेरी बेटी के पास कोई तस्वीर नहीं है और मैं चाहता हूं कि यह दिन उसके लिए यादगार बने। जिस दिन मेरे पास एक फोन होगा, मैं अपने बच्चों की खूब सारी तस्वीरें लूंगा। मैं अच्छी यादें बचाकर रखना चाहता हूं। बच्चों को स्कूल भेजना मेरे लिए बहुत मुश्किल है, फिर भी मैं उन्हें पढ़ा रहा हूं। कभी-कभी वे परीक्षा नहीं दे पाते क्योंकि उनके लिए फीस जमा करना मेरे लिए हमेशा संभव नहीं हो पाता। ऐसे समय में मेरे बच्चे बहुत उदास हो जाते हैं और मैं उनकी हिम्मत बढ़ाते हुए कहता हूं कि कभी-कभी हम परीक्षा देना छोड़ सकते हैं क्योंकि जिंदगी हर दिन हमारी सबसे बड़ी परीक्षा ले रही होती है।

भिख मांगते समय बेटी से नज़र नहीं मिला पाता

अब मैं भीख मांगने जाऊंगा। मैं अपनी बेटी को ट्रैफिक सिग्नल पर साथ ले जाऊंगा, जहां वह मेरा इंतजार करेगी। मैं भीख मांगते हुए कुछ दूरी से उसे देखूंगा। मुझे उस समय बड़ी शर्म महसूस करता हूं जब वह मुझे लोगों के सामने अपना एक हाथ फैलाते हुए देखती है। चूंकि सड़क पर बड़ी-बड़ी गाड़ियां होती हैं, इसीलिए वह मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ती। वह सोचती है कि दुर्घटना फिर से हो सकती है। उसे लगता है कि ये गाड़ियां मुझे कुचलते हुए मेरे ऊपर से निकल जाएंगी और मैं मर जाऊंगा।
जब भी मैं थोड़ा पैसा जमा कर लेता हूं, अपनी बेटी का हाथ पकड़कर घर वापस लौट जाता हूं। हम अपने तरीके से खरीदारी करते हैं और मेरी बेटी हमेशा थैला उठाती है। जब बारिश होती है, तो हमें साथ भीगना अच्छा लगता है। हमें अपने सपनों के बारे में बातें करना अच्छा लगता है। जिस दिन मुझे पैसा नहीं मिलता, उस दिन हम खामोशी के साथ घर आ जाते हैं। ऐसे वक्त में मेरा दिल करता हूं कि मर जाऊं, लेकिन रात को जब मेरे बच्चे मुझसे लिपटकर सो जाते हैं तो मुझे लगता है कि जिंदा रहना इतना बुरा भी नहीं है। ज्यादा बुरा तब लगता है जब मेरी बेटी सिग्नल पर सिर नीचे करके मेरा इंतजार करती है। भीख मांगते समय मैं उससे नजरें नहीं मिला सकता। आज का दिन कुछ अलग, आज मेरी बेटी बहुत खुश है। आज यह बाप केवल एक भिखारी नहीं है। आज मैं उसका बाप एक राजा हूं और वह मेरी राजकुमारी है।
Credit : नवभारत टाइम्स